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त्यौहार

हरियाली तीज 2026 कब है?हरियाली तीज का धार्मिक महत्व !

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हरियाली तीज हिन्दू धर्म का एक अत्यंत पावन और महत्वपूर्ण पर्व है। यह पर्व मुख्य रूप से सावन मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है

हरियाली तीज 2026 कब है?हरियाली तीज का धार्मिक महत्व !

हरियाली तीज 2026
हरियाली तीज हिन्दू धर्म का एक अत्यंत पावन और महत्वपूर्ण पर्व है। यह पर्व मुख्य रूप से सावन मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। हरियाली तीज को सुहागिन महिलाओं का प्रमुख त्योहार माना जाता है। विवाहित महिलाएं अपने पति की दीर्घायु और सुख-समृद्धि के लिए निर्जला या फलाहार व्रत रखती हैं। वहीं अविवाहित कन्याएं मनचाहे वर की प्राप्ति हेतु इस व्रत का पालन करती हैं।


हरियाली तीज 2026 कब है?

हरियाली तीज 2026 की तिथि:
16 अगस्त 2026, रविवार

यह पर्व सावन मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाएगा।


हरियाली तीज का धार्मिक महत्व

धार्मिक मान्यता के अनुसार माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए अनेक वर्षों तक कठोर तपस्या की थी। उनके कठिन तप से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें पत्नी रूप में स्वीकार किया। उसी पावन मिलन की स्मृति में हरियाली तीज का पर्व मनाया जाता है।

इस दिन व्रत करने से—

  • अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
  • दांपत्य जीवन सुखमय होता है।
  • भगवान शिव एवं माता पार्वती का आशीर्वाद मिलता है।
  • परिवार में सुख-समृद्धि आती है।
  • मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

हरियाली तीज पूजा सामग्री

पूजा के लिए निम्न सामग्री रखें—

  • भगवान शिव एवं माता पार्वती की प्रतिमा
  • गंगाजल
  • कलश
  • रोली
  • अक्षत
  • मौली
  • बेलपत्र
  • धतूरा
  • भांग
  • शहद
  • दूध
  • दही
  • घी
  • शक्कर
  • पंचामृत
  • हरे वस्त्र
  • हरी चूड़ियां
  • मेहंदी
  • सिंदूर
  • श्रृंगार सामग्री
  • फल
  • मिठाई
  • नारियल
  • अगरबत्ती
  • दीपक
  • फूलों की माला

हरियाली तीज पूजा विधि

  1. प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करें।
  2. स्वच्छ एवं हरे रंग के वस्त्र धारण करें।
  3. पूजा स्थान को गंगाजल से शुद्ध करें।
  4. भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा स्थापित करें।
  5. दीपक एवं धूप जलाएं।
  6. भगवान शिव का जल, दूध एवं पंचामृत से अभिषेक करें।
  7. माता पार्वती को श्रृंगार सामग्री अर्पित करें।
  8. बेलपत्र, पुष्प एवं फल चढ़ाएं।
  9. हरियाली तीज व्रत कथा का श्रवण करें।
  10. शिव चालीसा एवं पार्वती स्तुति का पाठ करें।
  11. अंत में आरती करें।
  12. अगले दिन पारण करें।

हरियाली तीज व्रत कथा

पौराणिक कथा के अनुसार माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए 108 जन्मों तक कठोर तप किया। अंततः उनके अटूट प्रेम और तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें पत्नी रूप में स्वीकार किया। तभी से यह दिन शिव-पार्वती के दिव्य मिलन का प्रतीक माना जाता है।

इस दिन श्रद्धा और भक्ति से व्रत करने वाली महिलाओं को अखंड सौभाग्य तथा सुखी वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद प्राप्त होता है।


हरियाली तीज का महत्व

  • वैवाहिक जीवन में प्रेम बढ़ता है।
  • पति की आयु एवं स्वास्थ्य की कामना की जाती है।
  • परिवार में सुख एवं समृद्धि आती है।
  • भगवान शिव-पार्वती का विशेष आशीर्वाद मिलता है।
  • मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

हरियाली तीज कैसे मनाई जाती है?

  • महिलाएं मेहंदी लगाती हैं।
  • हरे वस्त्र एवं हरी चूड़ियां पहनती हैं।
  • झूले झूलती हैं।
  • लोकगीत एवं तीज गीत गाती हैं।
  • भगवान शिव-पार्वती की पूजा करती हैं।
  • परिवार एवं मित्रों के साथ उत्सव मनाती हैं।

हरियाली तीज पर क्या करें?

  • शिव-पार्वती की पूजा करें।
  • गरीबों को दान दें।
  • हरे पौधे लगाएं।
  • गौ सेवा करें।
  • कन्याओं का सम्मान करें।
  • धार्मिक ग्रंथों का पाठ करें।

हरियाली तीज पर क्या नहीं करें?

  • क्रोध न करें।
  • झूठ न बोलें।
  • किसी का अपमान न करें।
  • तामसिक भोजन से बचें।
  • नशा न करें।

हरियाली तीज शुभकामना संदेश

"भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा से आपका जीवन सुख, समृद्धि, प्रेम और अखंड सौभाग्य से भर जाए। हरियाली तीज की हार्दिक शुभकामनाएं।"

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