हिन्दू धर्म में देवी सरस्वती को बुद्धि, ज्ञान, विद्या, कला और संगीत की देवी माना जाता है। बसंत पंचमी (Vasant Panchami 2026) का पर्व इन्हीं देवी को समर्पित है। इसे श्री पंचमी या सरस्वती पंचमी के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि इसी दिन मां सरस्वती का अवतरण हुआ था। पंचांग के अनुसार, वसंत पंचमी का दिन सभी शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त है। इसे अबूझ मुहूर्त भी कहा जाता है। इसलिए लोग इस तिथि को शादी, सगाई, मुंडन और अन्य शुभ कामों की शुरुआत करने के लिए श्रेष्ठ मानते हैं।
आइए जानते हैं, 2026 में वसंत पंचमी कब मनाई जाएगी और सरस्वती पूजा का शुभ मुहूर्त और योग क्या है।
हिन्दू पंचांग के अनुसार, हर साल माघ महीने की शुक्ल पंचमी तिथि को बसंत पंचमी का त्यौहार मनाया जाता है। इस साल माघ शुक्ल पंचमी तिथि की शुरुआत गुरुवार, 22 जनवरी को रात 2:29 बजे होगी। वही इस तिथि का समापन 23 जनवरी को रात 1:47 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के मुताबिक, वसंत पंचमी (Vasant Panchami 2026 Date) इस बार 23 जनवरी, शुक्रवार को मनाई जाएगी।
वसंत पंचमी के अवसर पर सरस्वती पूजा का शुभ मुहूर्त निम्नलिखित है-
| सरस्वती पूजा मुहूर्त | सुबह 07:13 बजे से दोपहर 12:33 बजे तक |
| ब्रह्म मुहूर्त | सुबह 05:26 बजे से 06:20 बजे तक |
| अभिजीत मुहूर्त | दोपहर 12:12 बजे से 12:54 बजे तक |
| निशिता मुहूर्त | रात 12:06 बजे से 01:00 AM तक |
बसंत पंचमी के दिन देवी सरस्वती की विधि-विधान से पूजा की जाती है। इस अवसर पर पीले रंग का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि पीला रंग मां सरस्वती को अत्यंत प्रिय है। यही कारण है कि इस त्यौहार का मुख्य रंग पीला माना जाता है।
इस मौसम में उत्तर भारत में सरसों के खेत भी खिल उठते हैं। चारों ओर प्रकृति पीले रंग में रंगी नजर आती है। ऐसे में इस दिन लोग पीले वस्त्र धारण करते हैं। देवी को पीले फूल अर्पित किए जाते हैं। वहीं, श्रद्धालु माथे पर हल्दी का पीला तिलक भी लगाते हैं।
पंचांग और पंडितों के अनुसार, वसंत पंचमी को अबूझ तिथि माना जाता है। इस दिन विशेष मुहूर्त देखने की आवश्यकता नहीं होती। ऐसे में बिना समय देखे शुभ कार्य शुरू कर सकते हैं। शिक्षा से जुड़ें क्षेत्र के लोगों के यह दिन अत्यंत शुभ है। वसंत पंचमी के दिन कई व्यवसायों, दुकानों और आर्ट स्टूडियो का उद्घाटन किया जाता है। इस तिथि को शुभ माना जाता है। यही कारण है कि इस दिन विवाह जैसे मांगलिक कार्य भी किए जाते हैं।
बसंत पंचमी (Vasant Panchami 2026) को ज्ञान और विद्या का पर्व माना जाता है। इस दिन मां सरस्वती की विधिपूर्वक पूजा की जाती है। स्कूलों और कॉलेजों में विशेष पूजा और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं। मान्यता है कि मां सरस्वती की आराधना से बुद्धि और विवेक में वृद्धि होती है। ऐसे में स्टूडेंट्स या शिक्षा से जुड़े लोगों को खासतौर पर सरस्वती वंदना का पाठ करना चाहिए।
डाउनलोड ऐप