जीवन में कई बार ऐसे पड़ाव आते है, जब कड़ी मेहनत के बावजूद सफलता हाथ नहीं लगती। शास्त्रों में ऐसा बताया जाता है कि इसके पीछे ग्रह-नक्षत्रों की चाल हो सकती है। जब कुंडली में ग्रह कमजोर होते हैं, तो जीवन में नकारात्मक प्रभाव देखने को मिलते हैं। इन अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए ज्योतिष शास्त्र और रत्न शास्त्र में कई रत्न बताए गए हैं। इन रत्नों का उद्देश्य ग्रहों की स्थिति को अनुकूल बनाना है।
मान्यता है कि ये रत्न ग्रहों की ऊर्जा को ग्रहण करते हैं। इससे व्यक्ति के आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। आइए जानते हैं उन तीन रत्नों के बारे में, जिन्हें बेहद प्रभावशाली माना जाता है-
माणिक्य को रत्नों का राजा माना जाता है। इसका स्वामी ग्रह सूर्य है। मान्यता है कि यह रत्न आपके स्किल सेट को मजबूत करता है। जिन लोगों की कुंडली में मेष, सिंह और धनु राशि के अशुभ प्रभाव दिखाई दे रहे हों। उनके लिए यह रत्न उपयोगी माना जाता है। गवर्नमेंट सर्विस से जुड़े लोगों के लिए यह लाभकारी माना जाता है।
हालांकि यदि कुंडली में सूर्य नीच स्थिति में हो, तो पंडित जी की सलाह के बिना इसे धारण नहीं करना चाहिए।
सफलता को जल्द आकर्षित करने के लिए पन्ना एक प्रभावशाली रत्न माना जाता है। यह बुध ग्रह से संबंधित है। बुध को बुद्धि और व्यापार का ग्रह कहा जाता है। मान्यता है कि पन्ना पहनने से बुद्धि तेजी से काम करती है। इससे आपके विचारों में स्पष्टता आती है। जिससे आपके बेहतर निर्णय ले सकते है।
करियर, पढ़ाई और बिज़नेस में आगे बढ़ने के लिए लोग इसे धारण करते हैं। कहा जाता है कि यह सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है। साथ ही, जीवन के हर क्षेत्र में तरक्की के नए अवसर खोलता हैं।
पुखराज, देवगुरु बृहस्पति का प्रतिनिधित्व करता है। यह रत्न शिक्षा, धन वृद्धि और सफलता से जुड़ा है। धनु और मीन राशि के व्यक्तियों को इसे खास तौर पर धारण करना चाहिए। मान्यता है कि इसे पहनने से विवाह संबंधी बाधाएं दूर होती हैं। साथ ही, आर्थिक प्रगति के रास्ते खुलते हैं। पुखराज को शुक्ल पक्ष के गुरुवार को धारण करना शुभ माना जाता है। इसे सूर्योदय के समय पहनना उचित होता है। इसके लिए गंगाजल, कच्चे दूध और शहद से शुद्ध किया जाता है।
ध्यान रखे कि इस धारण करने से पहले गंगाजल और कच्चे दूध से शुद्ध करें। इस बारे में आप किसी अनुभवी पंडित से परामर्श भी अवश्य लें।
• किसी भी रत्न का चयन वजन को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए।
• ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार परस्पर विरोधी रत्न एक साथ नहीं पहनने चाहिए।
• ध्यान रखें कि रत्न को बिना पूजा और मंत्रोच्चार से शुद्ध करें। इसके बिना रत्न साधारण पत्थर जैसा ही है।
Buy Gemstone Pendant Onlineजीवन में सफलता न मिलना ग्रहों की कमजोरी का संकेत माना जाता है। रत्न शास्त्र में इसके उपाय बताए गए हैं। माणिक्य, पन्ना और पुखराज को बेहद प्रभावशाली रत्न (3 Powerful Gemstones) माना जाता है। ये ग्रहों की ऊर्जा को संतुलित करते हैं। आत्मविश्वास बढ़ाते हैं। करियर, धन और सफलता के नए अवसर को आकर्षित करता हैं।
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